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धारा घनत्व तथा अपवाह वेग में संबंध क्या होता है?
धारा घनत्व तथा अपवाह वेग के सूत्र से i = neAVd ① j = i/A ② अब समीकरण ① व समीकरण ② से j = neVd जहां → j = धारा घनत्व n = प्रति एकांक आयतन में मुक्त इलेक्ट्रॉनों की संख्या e = एक इलेक्ट्रॉन पर आवेश की मात्रा Vd = अपवाह वेग है।
धारा घनत्व तथा अपवाह वेग के सूत्र से
See lessi = neAVd ①
j = i/A ②
अब समीकरण ① व समीकरण ② से
j = neVd
जहां →
j = धारा घनत्व
n = प्रति एकांक आयतन में मुक्त इलेक्ट्रॉनों की संख्या
e = एक इलेक्ट्रॉन पर आवेश की मात्रा
Vd = अपवाह वेग है।
गतिशीलता क्या है इसका मात्रक लिखिए?
किसी आवेश वाहक के अपवाह वेग तथा आरोपित विद्युत क्षेत्र की तीव्रता के अनुपात को उसे आवेश वाहक की गतिशीलता कहते हैं। गतिशीलता को μ द्वारा प्रदर्शित किया जाता है। गतिशीलता सदैव धनात्मक राशि होती है। गतिशीलता μ = Vd/E गतिशीलता का SI मात्रक मीटर-2/वोल्ट -सेकंड होता है।
किसी आवेश वाहक के अपवाह वेग तथा आरोपित विद्युत क्षेत्र की तीव्रता के अनुपात को उसे आवेश वाहक की गतिशीलता कहते हैं। गतिशीलता को μ द्वारा प्रदर्शित किया जाता है। गतिशीलता सदैव धनात्मक राशि होती है।
See lessगतिशीलता μ = Vd/E
गतिशीलता का SI मात्रक मीटर-2/वोल्ट -सेकंड होता है।
गतिशीलता का सूत्र क्या होता है?
गतिशीलता μ = अपवाह वेग (Vd)/विद्युत क्षेत्र (E) अतः μ = Vd/E
गतिशीलता μ = अपवाह वेग (Vd)/विद्युत क्षेत्र (E)
See lessअतः μ = Vd/E
गतिशीलता का विमीय सूत्र क्या है?
गतिशीलता का मात्रक मीटर-2/वोल्ट -सेकंड होता है। तभी इसके आधार पर गतिशीलता का विमीय सूत्र [M-1AT2] होता है।
गतिशीलता का मात्रक मीटर-2/वोल्ट -सेकंड होता है। तभी इसके आधार पर गतिशीलता का विमीय सूत्र [M-1AT2] होता है।
See lessधारा घनत्व की परिभाषा तथा मात्रक लिखिए?
किसी चालक में किसी बिंदु के लंबवत दिशा में प्रति एकांक क्षेत्रफल के द्वारा प्रवाहित होने वाली विद्युत धारा को धारा घनत्व कहते हैं। इसे j द्वारा प्रदर्शित किया जाता है। j = i/A धारा घनत्व एक सदिश राशि है धारा घनत्व का मात्रक एम्पियर/मीटर2 होता है।
किसी चालक में किसी बिंदु के लंबवत दिशा में प्रति एकांक क्षेत्रफल के द्वारा प्रवाहित होने वाली विद्युत धारा को धारा घनत्व कहते हैं। इसे j द्वारा प्रदर्शित किया जाता है।
See lessj = i/A
धारा घनत्व एक सदिश राशि है धारा घनत्व का मात्रक एम्पियर/मीटर2 होता है।
अपवाह वेग की परिभाषा दीजिए। अपवाह वेग एवं विद्युत धारा में संबंध स्थापित कीजिए?
इलेक्ट्रॉनों को प्राप्त वह सूक्ष्म नियत वेग, जो मुक्त इलेक्ट्रॉनों को तार की लंबाई के अनुदिश उच्च विभव वाले सिरे की ओर गति के लिए प्रेरित करता है। इलेक्ट्रॉनों के इस सूक्ष्म नियत वेग को अपवाह वेग कहते हैं। इसे अनुगमन वेग भी कहा जाता है। अपवाह वेग एवं विद्युत धारा के बीच संबंध निम्न प्रकार है। i = neRead more
इलेक्ट्रॉनों को प्राप्त वह सूक्ष्म नियत वेग, जो मुक्त इलेक्ट्रॉनों को तार की लंबाई के अनुदिश उच्च विभव वाले सिरे की ओर गति के लिए प्रेरित करता है। इलेक्ट्रॉनों के इस सूक्ष्म नियत वेग को अपवाह वेग कहते हैं। इसे अनुगमन वेग भी कहा जाता है।
See lessअपवाह वेग एवं विद्युत धारा के बीच संबंध निम्न प्रकार है।
i = neAVd
जहां →
i = विद्युत धारा
A = अनुप्रस्थ-परिच्छेद का क्षेत्रफल
n = प्रति एकांक आयतन में मुक्त इलेक्ट्रॉनों की संख्या
e = एक इलेक्ट्रॉन पर आवेश की मात्रा
Vd = अपवाह वेग है।
श्रान्तिकाल से आप क्या समझते हो?
धातुओं के अंदर मुक्त इलेक्ट्रॉनों की धातु के धन आयनों से दो क्रमागत टक्करों के बीच लगे औसत समय अंतराल को श्रान्तिकाल कहा जाता है। इस τ से प्रदर्शित करते हैं। श्रान्तिकाल का मान 10-14 सेकंड की कोटि का होता है।
धातुओं के अंदर मुक्त इलेक्ट्रॉनों की धातु के धन आयनों से दो क्रमागत टक्करों के बीच लगे औसत समय अंतराल को श्रान्तिकाल कहा जाता है। इस τ से प्रदर्शित करते हैं। श्रान्तिकाल का मान 10-14 सेकंड की कोटि का होता है।
See lessओम का नियम लिखिए और इसका सत्यापन कीजिए?
ओम के नियम के अनुसार, किसी चालक के सिरों के मध्य विभावांतर तथा उसमें बहने वाली विद्युत धारा के अनुक्रमानुपाती होता है। V ∝ I V = IR जहां R एक अनुक्रमानुपाती स्थिरांक है जिसे चालक का प्रतिरोध कहते हैं। प्रतिरोध का मात्रक ओम होता है। ओम को Ω प्रतीक द्वारा प्रदर्शित किया जाता है।
ओम के नियम के अनुसार, किसी चालक के सिरों के मध्य विभावांतर तथा उसमें बहने वाली विद्युत धारा के अनुक्रमानुपाती होता है।
See lessV ∝ I
V = IR
जहां R एक अनुक्रमानुपाती स्थिरांक है जिसे चालक का प्रतिरोध कहते हैं। प्रतिरोध का मात्रक ओम होता है। ओम को Ω प्रतीक द्वारा प्रदर्शित किया जाता है।
किसी परिपथ में बहने वाली विद्युत धारा को नियंत्रित करने वाले अवयव को क्या कहते हैं?
किसी परिपथ में बहने वाली विद्युत धारा को बिना कोई परिवर्तन किए नियंत्रित करने के लिए उपयोग किए जाने वाले अवयव को परिवर्ती प्रतिरोध कहते हैं।
किसी परिपथ में बहने वाली विद्युत धारा को बिना कोई परिवर्तन किए नियंत्रित करने के लिए उपयोग किए जाने वाले अवयव को परिवर्ती प्रतिरोध कहते हैं।
See lessविद्युत धारा किसे कहते हैं ये कितने प्रकार के होते हैं?
किसी चालक में आवेश के प्रवाह की दर को उसे चालक की विद्युत धारा कहते हैं। विद्युत धारा दो प्रकार की होती है। 1. प्रत्यावर्ती धारा (alternative current AC) 2. दिष्ट धारा (direct current DC)
किसी चालक में आवेश के प्रवाह की दर को उसे चालक की विद्युत धारा कहते हैं। विद्युत धारा दो प्रकार की होती है।
See less1. प्रत्यावर्ती धारा (alternative current AC)
2. दिष्ट धारा (direct current DC)
विद्युत परिपथ में विद्युत धारा की दिशा क्या होती है?
किसी विद्युत परिपथ में विद्युत धारा की दिशा धन आवेश से ऋण आवेश की ओर होती है। अर्थात् मुक्त इलेक्ट्रॉन की दिशा के विपरीत होती है।
किसी विद्युत परिपथ में विद्युत धारा की दिशा धन आवेश से ऋण आवेश की ओर होती है। अर्थात् मुक्त इलेक्ट्रॉन की दिशा के विपरीत होती है।
See lessविद्युत धारा का विमीय सूत्र क्या होता है?
विद्युत धारा के विमीय सूत्र को निम्न सूत्र द्वारा ज्ञात किया जा सकता है। i = q/t i = qt-1 अतः विद्युत धारा का विमीय सूत्र [QT-1] या [A] होता है।
विद्युत धारा के विमीय सूत्र को निम्न सूत्र द्वारा ज्ञात किया जा सकता है।
See lessi = q/t
i = qt-1
अतः विद्युत धारा का विमीय सूत्र [QT-1] या [A] होता है।
विद्युत धारा का मात्रक क्या है?
आवेश के प्रवाह की दर को विद्युत धारा कहते हैं। विद्युत धारा का SI मात्रक ऐम्पियर होता है। इसे कूलाम/सेकंड भी कहते हैं। अतः 1 ऐम्पियर = 1 कूलाम/सेकंड
आवेश के प्रवाह की दर को विद्युत धारा कहते हैं। विद्युत धारा का SI मात्रक ऐम्पियर होता है। इसे कूलाम/सेकंड भी कहते हैं। अतः
See less1 ऐम्पियर = 1 कूलाम/सेकंड
विद्युत धारा किसे कहते हैं?
किसी चालक में आवेश के प्रवाह की दर को विद्युत धारा कहते हैं। विद्युत धारा को i से प्रदर्शित किया जाता है। यह एक अदिश राशि है। किसी परिपथ में 1 सेकंड में जितना आवेश प्रवाहित होता है उसे परिपथ की विद्युत धारा कहते हैं। यदि परिपथ में t सेकंड में q आवेश प्रवाहित हो, तो परिपथ की विद्युत धारा निम्न प्रकारRead more
किसी चालक में आवेश के प्रवाह की दर को विद्युत धारा कहते हैं। विद्युत धारा को i से प्रदर्शित किया जाता है। यह एक अदिश राशि है।
See lessकिसी परिपथ में 1 सेकंड में जितना आवेश प्रवाहित होता है उसे परिपथ की विद्युत धारा कहते हैं। यदि परिपथ में t सेकंड में q आवेश प्रवाहित हो, तो परिपथ की विद्युत धारा निम्न प्रकार होगी।
i = q/t
रिक्तिका दोष किसे कहते हैं?
जब क्रिस्टल में कुछ जालक रिक्त हो जाते हैं तब क्रिस्टल में रिक्तिका दोष उत्पन्न हो जाता है। रिक्तिका दोष पदार्थ के घनत्व को कम कर देता है। पदार्थ को गर्म करने पर भी इस प्रकार के दोष उत्पन्न हो जाता है।
जब क्रिस्टल में कुछ जालक रिक्त हो जाते हैं तब क्रिस्टल में रिक्तिका दोष उत्पन्न हो जाता है। रिक्तिका दोष पदार्थ के घनत्व को कम कर देता है। पदार्थ को गर्म करने पर भी इस प्रकार के दोष उत्पन्न हो जाता है।
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