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नॉन-स्टॉइकियोमीट्री दोषों को चित्रों की सहायता से समझाइए?
नॉन-स्टॉइकियोमीट्री यौगिक ऐसे पदार्थों को कहते हैं जिनमें धनायनों और ऋणायनों का अनुपात उनके मूलानुपाती सूत्र से भिन्नता प्रदर्शित करता है। नॉन-स्टॉइकियोमीट्री दोष के कारण क्रिस्टल में धनायनों और ऋणायनों का अनुपात परिवर्तित हो जाता है।
नॉन-स्टॉइकियोमीट्री यौगिक ऐसे पदार्थों को कहते हैं जिनमें धनायनों और ऋणायनों का अनुपात उनके मूलानुपाती सूत्र से भिन्नता प्रदर्शित करता है। नॉन-स्टॉइकियोमीट्री दोष के कारण क्रिस्टल में धनायनों और ऋणायनों का अनुपात परिवर्तित हो जाता है।
See lessशॉट्की और फ्रेंकल दोष में क्या अंतर है?
शॉट्की दोष के कारण क्रिस्टल का घनत्व कम हो जाता है जबकि फ्रेंकल दोष का क्रिस्टल के घनत्व पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता है। AgBr फ्रेंकल तथा शॉट्की दोनों ही दोष को दिखाता है।
शॉट्की दोष के कारण क्रिस्टल का घनत्व कम हो जाता है जबकि फ्रेंकल दोष का क्रिस्टल के घनत्व पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता है।
See lessAgBr फ्रेंकल तथा शॉट्की दोनों ही दोष को दिखाता है।
अनुचुंबकीय पदार्थ किसे कहते हैं उदाहरण दीजिए?
वे पदार्थ जिनमें स्थायी चुंबकीय द्विध्रुव पाया जाता है और चुंबकीय क्षेत्र द्वारा आकर्षित होते हैं अनुचुंबकीय पदार्थ कहलाते हैं। यह चुंबकीय क्षेत्र की अनुपस्थिति में अपना चुंबकत्व को देते हैं। इन पदार्थों में एक या अधिक अयुग्मित इलेक्ट्रॉनों की उपस्थिति होती है। अनुचुंबकीय पदार्थ चुंबकीय क्षेत्र की ओRead more
वे पदार्थ जिनमें स्थायी चुंबकीय द्विध्रुव पाया जाता है और चुंबकीय क्षेत्र द्वारा आकर्षित होते हैं अनुचुंबकीय पदार्थ कहलाते हैं। यह चुंबकीय क्षेत्र की अनुपस्थिति में अपना चुंबकत्व को देते हैं। इन पदार्थों में एक या अधिक अयुग्मित इलेक्ट्रॉनों की उपस्थिति होती है। अनुचुंबकीय पदार्थ चुंबकीय क्षेत्र की ओर दुर्बल रूप से आकर्षित होते हैं।
See lessअनुचुंबकत्व के उदाहरण – O2 , Cu2+ , Fe3+ आदि।
प्रतिचुंबकीय पदार्थ क्या हैं उदाहरण लिखिए?
वे पदार्थ जो चुंबकीय क्षेत्र से दुर्बल रूप से प्रतिकर्षित होते हैं प्रतिचुंबकीय पदार्थ कहलाते हैं। प्रतिचुंबकीय पदार्थों में उपस्थित सभी इलेक्ट्रॉन युग्मित होते हैं। प्रतिचुंबकीय के उदाहरण - H2O , NaCl , C6H6 आदि।
वे पदार्थ जो चुंबकीय क्षेत्र से दुर्बल रूप से प्रतिकर्षित होते हैं प्रतिचुंबकीय पदार्थ कहलाते हैं। प्रतिचुंबकीय पदार्थों में उपस्थित सभी इलेक्ट्रॉन युग्मित होते हैं।
See lessप्रतिचुंबकीय के उदाहरण – H2O , NaCl , C6H6 आदि।
लौहचुंबकीय पदार्थ किसे कहते हैं उदाहरण सहित समझाइए?
वे पदार्थ जो चुंबकीय क्षेत्र की ओर प्रबल रूप से आकर्षित होते हैं। तथा चुंबकीय क्षेत्र की अनुपस्थिति में भी स्थायी चुंबकत्व प्रदर्शित करते हैं। लौहचुंबकीय पदार्थ कहलाते हैं। इन पदार्थों में अयुग्मित इलेक्ट्रॉनों की संख्या अधिक होती है। लौहचुंबकीय के उदाहरण - लोहा Fe, कोबाल्ट Co, निकैल Ni, CrO2 आदि।
वे पदार्थ जो चुंबकीय क्षेत्र की ओर प्रबल रूप से आकर्षित होते हैं। तथा चुंबकीय क्षेत्र की अनुपस्थिति में भी स्थायी चुंबकत्व प्रदर्शित करते हैं। लौहचुंबकीय पदार्थ कहलाते हैं। इन पदार्थों में अयुग्मित इलेक्ट्रॉनों की संख्या अधिक होती है।
See lessलौहचुंबकीय के उदाहरण – लोहा Fe, कोबाल्ट Co, निकैल Ni, CrO2 आदि।
प्रतिलौहचुंबकीय पदार्थ क्या है उदाहरण बताइए?
वे पदार्थ जिनमें अयुग्मित इलेक्ट्रॉन तो उपस्थित होते हैं परंतु उनका शुद्ध चुंबकीय आघूर्ण शून्य होता है प्रतिलौहचुंबकीय पदार्थ कहलाते हैं। प्रतिलौहचुंबकीय के उदाहरण - MnO
वे पदार्थ जिनमें अयुग्मित इलेक्ट्रॉन तो उपस्थित होते हैं परंतु उनका शुद्ध चुंबकीय आघूर्ण शून्य होता है प्रतिलौहचुंबकीय पदार्थ कहलाते हैं।
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फेरीचुंबकीय पदार्थ क्या होते हैं उदाहरण बताइए?
वे पदार्थ जिनमें काफी अधिक संख्या में अयुग्मित इलेक्ट्रॉन उपस्थित होते हैं परंतु उनका चुंबकीय आघूर्ण का मान काफी कम होता है। फेरीचुंबकीय पदार्थ कहलाते हैं। फेरीचुंबकीय के उदाहरण - मैग्नेटाइट Fe3O4
वे पदार्थ जिनमें काफी अधिक संख्या में अयुग्मित इलेक्ट्रॉन उपस्थित होते हैं परंतु उनका चुंबकीय आघूर्ण का मान काफी कम होता है। फेरीचुंबकीय पदार्थ कहलाते हैं।
See lessफेरीचुंबकीय के उदाहरण – मैग्नेटाइट Fe3O4
आवेश का CGS मात्रक है?
आवेश का CGS पद्धति में मात्रक स्थैतिक कूलाम या esu होता है। esu इकाइयों की विद्युत स्थैतिक प्रणाली है। एक कूलाम आवेश में 3 × 109 स्थैतिक कूलाम होते हैं। 1 C = 3 × 109 esu
आवेश का CGS पद्धति में मात्रक स्थैतिक कूलाम या esu होता है। esu इकाइयों की विद्युत स्थैतिक प्रणाली है। एक कूलाम आवेश में 3 × 109 स्थैतिक कूलाम होते हैं।
See less1 C = 3 × 109 esu
विद्युत आवेश किसे कहते हैं परिभाषा दीजिए?
किसी पदार्थ का वह गुण जिसके कारण वह पदार्थ किसी अन्य पदार्थ के साथ आकर्षक अथवा प्रतिकर्षण बल का अनुभव करता है। पदार्थ के इस गुण को विद्युत आवेश कहते हैं विद्युत आवेश का मात्रक कूलाम होता है। सजातीय आवेश (एक समान) एक दूसरे को प्रतिकर्षित करते हैं जबकि विजातीय आवेश (भिन्न-भिन्न) एक दूसरे को आकर्षित करRead more
किसी पदार्थ का वह गुण जिसके कारण वह पदार्थ किसी अन्य पदार्थ के साथ आकर्षक अथवा प्रतिकर्षण बल का अनुभव करता है। पदार्थ के इस गुण को विद्युत आवेश कहते हैं विद्युत आवेश का मात्रक कूलाम होता है। सजातीय आवेश (एक समान) एक दूसरे को प्रतिकर्षित करते हैं जबकि विजातीय आवेश (भिन्न-भिन्न) एक दूसरे को आकर्षित करते हैं।
See lessविद्युत आवेश का SI मात्रक क्या होता है?
यदि किसी चालक में 1 एंपियर की धारा 1 सेकंड तक प्रवाहित होती है। तो उसे चालक से गुजरने वाले आवेश की मात्रा 1 कूलाम होगी। q = it आवेश का मात्रक एंपियर-सेकंड तथा विद्युत आवेश का SI मात्रक कूलाम होता है।
यदि किसी चालक में 1 एंपियर की धारा 1 सेकंड तक प्रवाहित होती है। तो उसे चालक से गुजरने वाले आवेश की मात्रा 1 कूलाम होगी।
q = it
आवेश का मात्रक एंपियर-सेकंड तथा विद्युत आवेश का SI मात्रक कूलाम होता है।
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